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सुंदरनगर में सुकेत देवता मेला-2026 का भव्य शुभारंभ, आरएस बाली ने बतौर मुख्‍यतिथी की शिरकत


R.S. Bali ने पर्यटन विकास और विजन को किया हाइलाइट
180 साल बाद देव नाग च्वासी सिद्ध की उपस्थिति से मेला ऐतिहासिक


मंडी जिले के सुंदरनगर में सोमवार को राज्यस्तरीय सुकेत देवता मेला-2026 का शुभारंभ पारंपरिक देवधुन और भव्य आयोजन के साथ हुआ। जवाहर पार्क में आयोजित इस कार्यक्रम में हजारों श्रद्धालुओं ने भाग लिया और पूरा क्षेत्र आस्था व उत्सव के रंग में रंग गया।

इस अवसर पर R.S. Bali मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए और उनके संबोधन ने कार्यक्रम को खास बना दिया। पूर्व सीपीएस सोहनलाल ठाकुर भी इस मौके पर मौजूद रहे।

इस वर्ष का मेला इसलिए भी ऐतिहासिक बन गया क्योंकि करीब 180 वर्षों बाद देव नाग च्वासी सिद्ध की उपस्थिति ने श्रद्धालुओं को भावुक कर दिया। यह दृश्य पूरे आयोजन का सबसे बड़ा आकर्षण रहा।

मेले की शुरुआत ऐतिहासिक शुकदेव वाटिका में देवी-देवताओं की विधिवत पूजा-अर्चना से हुई। इसके बाद एक भव्य जलेब (शोभायात्रा) निकाली गई, जिसमें पारंपरिक वाद्ययंत्रों की धुन और लोक संस्कृति की झलक ने सभी को मंत्रमुग्ध कर दिया।

जलेब में देव मूल माहूनाग, बड़ादेव कमरूनाग, देव महासु, देव बड़ेयोगी और देवी कामाक्षा जैदेवी सहित कई देवी-देवताओं की भागीदारी रही।

मीडिया से बातचीत के दौरान R.S. Bali ने न सिर्फ मेले की सराहना की, बल्कि अपने पर्यटन विजन को भी मजबूती से रखा। उन्होंने कहा कि सुकेत की यह पावन भूमि हिमाचल की समृद्ध संस्कृति की पहचान है और इसे वैश्विक स्तर पर पहचान दिलाना उनकी प्राथमिकता है।

पर्यटन के मुद्दे पर उन्होंने पूर्व भाजपा सरकार को घेरते हुए कहा कि एडीबी के तहत बने कई होटल वर्षों से बंद पड़े हैं, जो प्रदेश के पर्यटन के लिए नुकसानदेह हैं।

उन्होंने स्पष्ट किया कि उनके नेतृत्व में पर्यटन निगम इन होटलों को फिर से शुरू करने और उन्हें आधुनिक सुविधाओं से लैस करने की दिशा में काम कर रहा है।

उन्होंने यह भी बताया कि उनके कार्यकाल में पर्यटन निगम का टर्नओवर 78 करोड़ से बढ़कर 110 करोड़ रुपये तक पहुंचा है, जो उनके प्रबंधन और विजन का परिणाम है। साथ ही इस साल 150 करोड़ रुपये होटल नवीनीकरण के लिए निर्धारित किए गए हैं, जिससे पर्यटन को नई गति मिलेगी।

मंडी के शिव धाम प्रोजेक्ट पर बोलते हुए उन्होंने कहा कि 33 करोड़ रुपये का टेंडर जारी हो चुका है और काम तेजी से आगे बढ़ रहा है।

होटलों के निजीकरण को लेकर उन्होंने कहा कि यह निर्णय कैबिनेट स्तर पर लिया गया है, लेकिन उनका स्पष्ट मानना है कि नवीनीकरण के बाद होटलों को बेहतर तरीके से चलाना ज्यादा जरूरी है, ताकि प्रदेश में पर्यटन को स्थायी मजबूती मिल सके।

कुल मिलाकर, सुकेत देवता मेला-2026 न केवल आस्था और परंपरा का प्रतीक बना, बल्कि R.S. Bali के नेतृत्व और पर्यटन विकास के विजन की झलक भी इस मंच से साफ दिखाई दी।